दो शब्द
मन कि भाबनाय उज्गार कर रहा हुँ आसा है कि आप को भि पसन्द आएगा...
Thursday, September 2, 2010
दो शब्द 23
ऐसी ही होती है मृत्यु
जैसे उतरता है नशा
ऐसा ही होता है जीवन
जैसे चढती है शराब...
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