दो शब्द
मन कि भाबनाय उज्गार कर रहा हुँ आसा है कि आप को भि पसन्द आएगा...
Sunday, September 5, 2010
दो शब्द24
नजरें मिलती हैं पर नजारे नहीं मिलते।
बेसहारों को कहीं सहारे नहीं मिलते।
जिंदगी इक नदी है, तैरते ही जाइए,
डूबते इंसान को किनारे नहीं मिलते।'
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