अप्ने ख्वबो कि तबिर कि खातिर मेरी चोट सा संसार क्योन उजर दाला याद कर वो दिन एक ईशारा पर मैने भरी मह्फिल मैन तुझे अप्नी दुल्हन बना दाला पर थोदी सि गुर्बाट को देख कर तुम ने मुझे बेइज्जत और बद्नम कर दला मैने हमेशा तुझे प्यार किया है पर तुने खुन के आसुँ रुला दाला टुम्हे रुथा हुँ मह्बुवा सम्झा था मैने पर तुने मुझ से बेवफै कर दला।
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