दो शब्द
मन कि भाबनाय उज्गार कर रहा हुँ आसा है कि आप को भि पसन्द आएगा...
Sunday, August 8, 2010
दो शब्द 9
एक्जाम पास आए, सिर मेरा दु:खाये टिचर ने न जाने क्यु, डन्डे दिखाए, अब तो मेरा सिर, जागे न सोता है, क्या करू हाए, कुछ कुछ होता है…।
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