दो शब्द
मन कि भाबनाय उज्गार कर रहा हुँ आसा है कि आप को भि पसन्द आएगा...
Friday, August 27, 2010
दो शब्द 13
ज़िंदगी धुंध है कुहाँसा है ।
मन समन्दर है फिर भी प्यासा है।
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