दो शब्द
मन कि भाबनाय उज्गार कर रहा हुँ आसा है कि आप को भि पसन्द आएगा...
Friday, August 6, 2010
दो शब्द 5
जिसे डिल् डिया वोह दिल्ली चली गयी, जिसे प्यार किया वोह इटली चली गयी, दिल् ने कहाँ खुद खुशी केर् ले जालिम, बिज्ली को हाथ लगाय टो बिज्ली चली गयी।
1 comment:
E-Guru _Rajeev_Nandan_Dwivedi
August 6, 2010 at 9:03 AM
हा हा हा मजेदार है.
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हा हा हा मजेदार है.
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