Monday, November 15, 2010

दो ख़बरें

दो ख़बरें

दो आत्महत्याएँ

एक बिकती रही रात भर

टीवी चैनल्स पर

और फिर सुबह को

परोसी गई

एक मिक्सड डिश के रूप में

अखबारों केपन्नों पर

सुसाइड या हादसा?





करते रहो बहस....

एक असफल प्रेमी

और रईसजादे की मौत को

घरो से बसों,

और फिर दफ़्तरों तक ले जाते लोग

अखबार के कोने में छपी

एक खबर को लांघ कर निकल गये

जिसका बोर सा शीर्षक था

लू लगने से एक रिक्शेवाले की मौत......



पर उसकी पत्नी ही जानती थी

वो एक हादसा नहीं

आत्महत्या थी

आखिर क्यों निकला था

तपती धूप में पेट की आग बुझाने?

No comments:

Post a Comment