दो शब्द
मन कि भाबनाय उज्गार कर रहा हुँ आसा है कि आप को भि पसन्द आएगा...
Saturday, November 13, 2010
चेहरा
कोई भी चेहरा धुंधला सा दिखे, अच्छा नहीं लगता
इस लिए आईने को हर समय चमका के रखते हैं
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